आज (20 अक्टूबर 2026, मंगलवार) विजयदशमी है। इस दिन अपराजिता स्तोत्र सुनना/पढ़ना बहुत फलदायी माना जाता है।

आज का सबसे अच्छा समय

– अपराह्न काल (दोपहर बाद) सबसे उत्तम है।

लगभग 1:15 बजे से 3:30 बजे तक (दिल्ली के अनुसार; अपने शहर के पंचांग से थोड़ा अंतर हो सकता है)।

– विजय मुहूर्त: लगभग 1:59 बजे से 2:45 बजे तक (इस समय विशेष रूप से शुभ)।

आज की सरल विधि

1. नहा-धोकर साफ कपड़े पहन लें।

2. घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में या पूजा स्थान पर साफ जगह चुनें।

3. थोड़ी देर माँ दुर्गा / अपराजिता का ध्यान करें।

4. अपराजिता स्तोत्र को ध्यानपूर्वक 1, 3 या 11 बार सुनें या पढ़ें।

(जो YouTube वीडियो मैंने पहले दिए थे, उनमें से कोई भी चला सकते हैं।)

5. स्तोत्र पूरा होने के बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करें:

“हे माँ अपराजिता! मुझे हर क्षेत्र में विजय दो, बाधाएँ दूर करो और रक्षा करो।”

6. अगर संभव हो तो थोड़ा सा फूल, रोली या अक्षत चढ़ा दें।

अतिरिक्त (वैकल्पिक लेकिन अच्छा)

– अगर समय मिले तो अपराजिता पूजा भी कर सकते हैं (अष्टदल कमल बनाकर “ॐ अपराजितायै नमः” बोलकर)।

– शाम को शमी वृक्ष या सीमोलंघन (घर से बाहर थोड़ा घूमना) की परंपरा भी है।

आज का मुख्य मंत्र भाव:

आज का दिन विजय का है। स्तोत्र सुनते समय मन में यही रखें कि माँ अपराजिता आपको हर संघर्ष में अजेय बना रही हैं।

आप अभी दोपहर के समय में ही सुन लें तो सबसे अच्छा रहेगा। जय माँ अपराजिता!

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